भारत ने हाल ही में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है, जिससे वह दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है जिसने Active Cooled Hypersonic Scramjet Combustor Engine का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह तकनीक भविष्य में भारत की रक्षा और स्पेस इंडस्ट्री के लिए Game Changer साबित हो सकती है। इस आर्टिकल में हम इस तकनीक की बारीकियों, इसके उपयोग, और भारत के लिए इसके महत्व को विस्तार से समझेंगे.
Hypersonic Missile Speed and Impact

Hypersonic मिसाइलें अपनी जबरदस्त गति के कारण युद्ध के नियमों को पूरी तरह बदल सकती हैं। इन मिसाइलों की तेज रफ्तार उन्हें पारंपरिक हथियारों की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक और प्रभावी बनाती है। उदाहरण के लिए, New York से Beijing की दूरी करीब 12,000 किलोमीटर है। यदि कोई Hypersonic मिसाइल Mach 5 से Mach 24 की गति से उड़ती है, तो वह इस विशाल दूरी को मात्र 19 से 25 मिनट में तय कर सकती है.
तुलना करने पर यह अंतर और भी स्पष्ट हो जाता है। एक Boeing एयरलाइनर को यही दूरी तय करने में लगभग 17 घंटे लगते हैं, जबकि Hypersonic मिसाइल मात्र 19 मिनट में इस सफर को पूरा कर सकती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह तकनीक युद्ध रणनीति और वैश्विक सुरक्षा के नजरिया से कितनी महत्वपूर्ण और प्रमुख भूमिका निभा सकती है.
India’s Scramjet Engine and It’s Testing

भारत के DRDO (Defence Research and Development Organization) ने हाल ही में Active Cooled Scramjet Combustor Engine का 120 सेकंड तक सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह Endothermic Fuel और Thermal Barrier Coating जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों से लैस है.
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Endothermic Scramjet Fuel: Dual Role
Hypersonic मिसाइल जब 30 किलोमीटर से कम ऊंचाई पर Mach 5+ की गति से उड़ती है, तो उसके सतह पर 1400°C से 2000°C तक का अत्यधिक तापमान बढता है। Endothermic Scramjet Fuel का दोहरा कार्य है:
- Missile को अधिक गति देने के लिए thrust उपलब्ध करना।
- Missile के तापमान को नियंत्रित रखना ताकि onboard avionics को कोई नुकसान न पहुंचे।
Hypersonic scramjet: Advanced Ceramic Thermal Barrier Coating

भारत ने एक नई Advanced Ceramic Thermal Barrier Coating विकसित की है, जो स्टील के Melting Point से भी अधिक तापमान को सहन कर सकती है। इस कोटिंग के कारण, मिसाइल की सतह को 1400°C से 2000°C तक की गर्मी से बचाया जा सकता है.
Hypersonic Glide Vehicle Vs Hypersonic Cruise Missile
भारत ने हाल ही में Hypersonic Glide Vehicle का भी सफल परीक्षण किया था। Hypersonic Scramjet मिसाइल और ग्लाइडर के मिल के बना एक हथियार होता है.

Hypersonic Glide Vehicle:
- पहले इसे एक मिसाइल द्वारा उच्च गति पर लॉन्च किया जाता है।
- फिर यह अपने लक्ष्य की ओर ग्लाइड करता है, बिना किसी रॉकेट इंजन के।
- यह दुश्मन की रडार और डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकता है।
Hypersonic Cruise Missile
- यह एक end-to-end engine से चलता है।
- इसमें Scramjet इंजन होता है, जो लगातार thrust उपलब्ध करता है।
- इसकी गति Mach 5+ से अधिक होती है।
इन दोनों तकनीकों के सफल परीक्षण के साथ, भारत अब Hypersonic Weaponry में प्रमुख देशों में शामिल हो गया है.
Scramjet: 5 Key Benefits of This Technology for India
1. Hypersonic Technology
Scramjet इंजन के सफल परीक्षण से यह साबित होता है कि भारत Hypersonic Technology में आत्मनिर्भर बन रहा है। यह तकनीक भविष्य में विकसित मिसाइलों और स्पेसक्राफ्ट के निर्माण में मदद करेगी.
2. Strategic Importance
Hypersonic तकनीक के विकास से भारत की रक्षा और एयरोस्पेस इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी। यह तकनीक न केवल मिलिट्री डिफेंस के लिए बल्कि स्पेस एक्सप्लोरेशन के लिए भी उपयोगी होगी.
3. Fuel efficiency and cost reduction
Hypersonic Scramjet इंजन की खासियत यह है कि यह वातावरण से ऑक्सीजन लेकर फ्यूल को जलाता है। इससे ईंधन की खपत कम होती है, जिससे मिशन की लागत कम हो जाती है.
4. Indigenous Development
इस परीक्षण के साथ, भारत ने अपनी स्वदेशी टेक्नोलॉजी को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इससे भारत की विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी.
5. Future Prospects
Hypersonic Scramjet तकनीक का विकास भविष्य में Reusable Space Planes और लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगा। इससे भारत की अंतरिक्ष और रक्षा क्षमता वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी.
Conclusion
भारत द्वारा किए गए Active Cooled Hypersonic Scramjet Engine के इस सफल परीक्षण ने देश को वैश्विक हाइपरसोनिक क्लब में शामिल कर दिया है। यह तकनीक भारत की सुरक्षा, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है.
इस उपलब्धि के साथ, भारत ने रक्षा और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में अपनी तकनीकी श्रेष्ठता को और मजबूत किया है। यह केवल एक शुरुआत है – आने वाले वर्षों में हम और भी प्रगतिशील Hypersonic Scramjet हथियार और अंतरिक्ष अभियानों को देख सकते हैं.