अगर आप अपनी प्राइमरी स्कूल की Science की किताब खोलें, तो पदार्थ की तीन हालात (Solid, Liquid, Gas) पढ़ते हैं। लेकिन Microsoft ने अब एक चौथी अवस्था को इंजीनियर करके Quantum Computing की दुनिया बदल दी है। यह अवस्था Majorana Fermions नामक रहस्यमय कणों पर आधारित है, जिन्हें 1937 में संशोधक Ettore Majorana ने नैसर्गिक रूप से सुझाया था। इन कणों को अपना ही Anti-Particle माना जाता है, और Microsoft ने पहली बार इन्हें एक Quantum Chip (Majorana 1) में काबू में करके दिखाया है.
Majorana 1 Fermions: New State of Matter and Topological Superconductor

Microsoft ने Topological Superconductor नामक पदार्थ की एक नई अवस्था बनाई है, जो Semiconductor और Superconductor के विशेषताएँ को जोड़ती है। इसकी खोज Majorana Fermions के Unique Behavior पर निर्भर है। ये कण एक साथ Electron और Anti-Electron की तरह व्यवहार करते हैं। जब दो Majorana Fermions को एक Topological Superconductor में जोड़ा जाता है, तो वे या तो पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं या फिर एक Electron बनाते हैं। यह गुण उन्हें Error-Resistant Qubits बनाने के लिए आदर्श बनाता है.
Majorana 1 Chip: The First Quantum Processor to Control

Majorana 1, Microsoft का पहला Topological Quantum Chip, Majorana Fermions को प्रॅक्टिकल रूप से Utilize करता है। यह Chip Atomic-Level Engineering से बना है, जहाँ हर Atom को Purposefully रखा गया है। Traditional Qubits (जैसे Superconducting Loops) के विरोधी, इसके Topological Qubits Majorana Fermions के Quantum States पर आधारित हैं। यह Chip महज 1/100th मिलीमीटर में लाखों Qubits को सपोर्ट कर सकता है, जो Classical Computers की तुलना में 10^18 गुना तेज Processing की संभावना देता है.
Majorana 1:Topological Qubits vs. Traditional Qubits

Quantum Computing की सबसे बड़ी चुनौती Qubits का Decoherence (Noise से Errors) है। Google और IBM के Superconducting Qubits महंगे कुलिंग सिस्टम और बड़े सईज की मांग करते हैं। लेकिन Microsoft के Topological Qubits, Majorana Fermions की ब्रैडिंग” (Braiding) प्रॉपर्टी का उपयोग करते हैं। इसमें Majorana Fermions को एक-दूसरे के चारों ओर घुमाकर Information को Encode किया जाता है, जो External Disturbances से लगभग Immune होता है। यही वजह है कि ये Qubits 99.9% Accuracy के साथ Scalable हैं.
Majorana 1: The Dream of a Million-Qubit Chip and Its Role in Scalability
Microsoft का दावा है कि Majorana 1, Quantum Supremacy को “दशकों से कुछ वर्षों” में ला सकता है। इसकी Key Majorana Fermions की Geometric Stability है। जबकि Traditional Qubits को 0.01 केल्विन (-273°C) पर रखना पड़ता है, Topological Qubits अधिक व्यावहारिक Conditions में काम कर सकते हैं। Satya Nadella के अनुसार, यह Architecture “Handheld Million-Qubit Processors”का मार्ग अतिशय करेगा, जो Climate Change से लेकर Cancer Research तक Complex Problems को Solve करेंगे.
How Will Majorana 1 Change the World?

1. Medicine: Majorana-based Qubits प्रोटीन Folding और Drug Discovery के Simulations को महीनों के बजाय मिनटों में पूरा कर सकेंगे।
2. Clean Energy: नई Superconducting Materials की खोज से Renewable Energy Storage Revolutionize होगी।
3. AI: Quantum Machine Learning Models, जो आज के Supercomputers के लिए असंभव हैं, Real-Time में चलेंगे।
4. Cryptography: Majorana Fermions की Stability Quantum Encryption को Unbreakable बनाएगी।
Majorana 1 and Quantum Computing future
Microsoft ने इस टेक्नोलॉजी पर 10+ वर्षों तक Research की है। अगले चरण में, वे Majorana 1 को Commercial Azure Quantum Systems में Integrate करेंगे। भविष्य में, Majorana Fermions का उपयोग Quantum Internet और Room-Temperature Superconductors में भी हो सकता है। जैसे-जैसे यह टेक्नोलॉजी Mature होगी, यह न केवल Computing, बल्कि Physics की हमारी समझ को भी Redefine कर देगी.
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Conclusion:
Microsoft की यह खोज केवल Quantum Computing तक सीमित नहीं है। Majorana Fermions का Practical उपयोग Material Science, Particle Physics, और Cosmology में नए दरवाजे खोलेगा। यह उसी तरह का Milestone है जैसे 20वीं सदी में Transistor का आविष्कार। आने वाले वर्षों में, Majorana 1 Chip न सिर्फ टेक्नोलॉजी, बल्कि मानवता की समस्याओं के समाधान का प्रतीक बन सकता है.