Elon Musk ने शुरू की हायरिंग, फैक्ट्री सेटअप की भी तैयारी। भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) क्रांति अब और तेज़ होने वाली है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय EV निर्माता कंपनी Tesla Inc. आखिरकार अप्रैल 2025 में भारतीय बाजार में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी जल्द ही मुंबई के पास स्थित एक पोर्ट पर हजारों गाड़ियाँ शिप करने की योजना बना रही है, जिससे भारतीय ग्राहक के लिए Tesla कार खरीदने का सपना साकार होगा.
Tesla की भारत में एंट्री कई वर्षों से चर्चा में थी, लेकिन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और Elon Musk की वॉशिंगटन में हुई मुलाकात के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आई है। भारतीय सरकार Tesla को आकर्षित करने के लिए कई अहम कदम उठा रही है, जिससे कंपनी का भारत में इन्वेस्टमेंट और उत्पादन आसान हो सके.
Government to give major relief to Tesla – Import duty to be reduced by up to 95%

Tesla की भारत में एंट्री को आसान बनाने के लिए सरकार Import Duty में 95% तक की कटौती करने पर विचार कर रही है। वर्तमान में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 110% आयात शुल्क लागू होता है, जो विदेशी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन नई पॉलिसी के तहत Tesla को कम दरों पर गाड़ियाँ आयात करने की अनुमति मिलेगी, जिससे भारतीय ग्राहकों को अधिक किफायती कीमतों पर Tesla कारें मिल सकेंगी.
इसके अलावा, सरकार EV के आयात पर मौजूदा कैप 8,000 से बढ़ाकर 50,000 यूनिट करने की योजना बना रही है, जिससे Tesla को अधिक संख्या में कारें भारत में लाने की सुविधा मिलेगी.
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Tesla Sales will begin in three major cities in the first phase

Tesla अपनी कारों की बिक्री भारत में मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर से शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी ने इन शहरों में अपने शोरूम और डिलीवरी सेंटर स्थापित करने के लिए नई हायरिंग शुरू कर दी है। इसके अलावा, Tesla भारत में अपनी पहली फैक्ट्री लगाने के लिए भी जगह की तलाश कर रही है.
Tesla के भारत में प्रवेश से न केवल प्रीमियम सेगमेंट बल्कि किफायती EV सेगमेंट में भी क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। कंपनी एक 21 लाख रुपये से कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने पर भी विचार कर रही है, जो भारतीय ग्राहक के लिए बेहद आकर्षक होगी.
Tesla’s Entry to Spark New Momentum in the Indian EV Market
Tesla का भारत में प्रवेश सिर्फ एक कार कंपनी के आगमन से कहीं ज्यादा है। यह भारत के EV सेक्टर के विकास को तेज करने में मदद करेगा और अन्य विदेशी ऑटो कंपनियों को भी यहाँ इन्वेस्टमेंट करने के लिए प्रेरित करेगा.

भारत सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के उपाय कर रही है। इससे न केवल Tesla को बल्कि स्थानीय स्टार्टअप्स और अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी फायदा मिलेगा.
Conclusion
Tesla का भारत में आगमन न केवल इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को गति देगा, बल्कि भारतीय ग्राहक के लिए एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत करेगा। बेहतरीन परफॉर्मेंस, लंबी बैटरी रेंज और एडवांस्ड ऑटो-पायलट तकनीक के साथ, Tesla की गाड़ियाँ भारतीय ग्राहकों को एक अनोखा और नया अनुभव देने के लिए तैयार हैं.

इसके अलावा, सरकार द्वारा Import Duty में कटौती, EV इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने जैसे कदम भारत को इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनाने में मदद करेंगे। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो अप्रैल 2025 में भारतीय सड़कों पर Tesla कारें दौड़ती नजर आएंगी, जो पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक ऑटोमोबाइल तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले वर्षों में, Tesla भारत के EV बाजार में एक लीडर बन सकती है और इस जगह में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है.