Artificial Heart: Machine in Place of Human Heart – Is It Possible?
क्या एक man-made pump इंसानी दिल की जगह ले सकता है? पिछले एक दशक में कई doctors ने इस सवाल पर शोध किया है। कुछ patients ने इस technology को अपनाने का जोखिम उठाया, जबकि कई critics ने इसे असंभव करार दिया। लेकिन अब यह science fiction नहीं रहा, बल्कि हकीकत बन चुका है.
हाल ही में एक Australian मरीज ने 100 दिनों तक एक artificial titanium heart के साथ जीवित रहकर इतिहास रच दिया। यह दुनिया की पहली ऐसी medical success है, जिसमें एक इंसान बिना natural heart के इतनी लांबे समय तक जीवित रहा और फिर donor heart प्राप्त करने के बाद स्वस्थ होकर अस्पताल से बाहर निकला.
Heart Failure: A Serious Problem

Human heart एक महत्वपूर्ण अंग है, जो हर दिन 7,500 लीटर से अधिक रक्त पंप करता है और साल में 35 मिलियन बार धड़कता है। लेकिन जब यह कमजोर होने लगता है, तो इसे heart failure कहते हैं.
दुनियाभर में हर साल 23 मिलियन से अधिक लोग heart failure से जूझते हैं, लेकिन केवल 6,000 मरीजों को ही donor heart मिल पाता है। यही कारण है कि artificial heart technology को एक बड़ी breakthrough के रूप में देखा जा रहा है.
What is an Artificial Heart?

Artificial organs एक man-made devices होते हैं, जो मानव शरीर में natural organs को बदलने और उनकी कार्यक्षमता को बहाल करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इन्हें plastics, metals, या lab-grown cells से बनाया जाता है.
अब तक केवल कुछ ही artificial organs विकसित किए गए हैं, जैसे –
- Artificial Retina (आंखों के लिए)
- Artificial Esophagus (खाने की नली के लिए)
- Artificial Heart (दिल के लिए)
Artificial Heart: Success of the Titanium Implant
इस artificial heart को ऑस्ट्रेलियाई bioengineer Daniel Tims ने विकसित किया है। उन्होंने अपने पिता की heart disease से मृत्यु के बाद इस device को बनाने का निर्णय लिया था। यह Total Artificial Heart दुनिया का पहला implantable rotary blood pump है.

इसकी कुछ विशेषताएं इसे अनोखा बनाती हैं। यह Titanium से बना है, जिससे यह durable होता है। इसमें सिर्फ एक moving part (rotor) है, जो magnets से नियंत्रित होता है। इसमें कोई valves नहीं हैं, लेकिन यह शरीर और फेफड़ों को रक्त पंप करने में सक्षम है.
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Artificial Heart: Clinical Trials and Future Possibilities
यह technology अभी शुरुआती clinical trial चरण में है, लेकिन यह 100 दिनों तक मरीज को जीवित रख पाने में सक्षम रही। ऑस्ट्रेलियाई मरीज को यह November में एक 6-घंटे की सर्जरी में implant किया गया और फरवरी में अस्पताल से छुट्टी दी गई। इस artificial heart ने उन्हें donor heart मिलने तक जीवित रखा, जो हाल ही में transplant किया गया.
Future of Artificial Hearts

Doctors का मानना है कि future में artificial hearts, donor heart transplant का ऑप्शन बन सकते हैं। वर्तमान में, एक donor heart 10 साल (3,000+ दिन) तक कार्य कर सकता है, जबकि artificial heart सिर्फ 100 दिनों तक.
इसलिए, अभी इस technology को और विकसित करने की आवश्यकता है, लेकिन यह milestone यह साबित करता है कि artificial heart भविष्य में heart failure का एक टिकाऊ समाधान बन सकता है.
Conclusion
आज विज्ञान और इलाज के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। जैसे-जैसे artificial organs, cloned organs, gene-edited organs और animal organ transplants पर शोध आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इलाज जगत में नए द्वार खुल रहे हैं.
भविष्य में, artificial hearts न केवल एक अल्पकालिक समाधान होंगे, बल्कि एक टिकाऊ ऑप्शन भी बन सकते हैं, जिससे लाखों लोगों को नई जिंदगी मिल सकेगी.